आंतरिम बजट 2024

चुनाव से पहले राहत: आंतरिम बजट 2024 की चर्चा!

‘बजट’ शब्द हमारे प्यारे भारत के संविधान में कहीं भी लिखित नहीं है। संविधान में इसके लिए “वार्षिक वित्तीय विवरण”(Annual Financial Statement -AFS) शब्द का प्रयोग किया गया है। यह एक वित्तीय वर्ष में सरकार की अनुमानित आय-व्यय का विवरण होता है, जो की 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होता है। भारत की संचित निधि {अनुच्छेद 266(1)}- Consolidated Fund of India {Article 266(1)}, अगर सरकार को एक पैसा भी खर्च करना है तो संसद की स्वीकृति के पश्चात सरकार अपने सभी खर्चों का वहन इसी निधि से करती है। इसीलिए सरकार हर साल यह “वार्षिक वित्तीय विवरण”(AFS) लेकर आती है ,और संसद से अनुमति लेती है।

बजट को तैयार करने की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन पर होती है। बजट बनाने की प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय,नीति आयोग और सरकार के विभिन्न मंत्रालय शामिल होते हैं। वित्त मंत्रालय हर एक साल खर्च के आधार पर गाइडलाइन जारी करती है। इसके बाद मंत्रालयों को अपनी-अपनी मांग को बताना होता है।

आंकड़ों पर नजर

आंकड़ों पर नजर डाले तो शब्दों की संख्या के अनुसार सबसे बड़ा बजट 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री श्री मनमोहन सिंह द्वारा पेश किया गया था जो की 18650 शब्दों का था। दूसरा तथ्य सबसे अधिक समय के अनुसार 2 घंटे 42 मिनट का बजट 2020 के फरवरी में तत्कालीन वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किया गया था। तीसरा तथ्य अगर हम बात करें की सबसे ज्यादा बार बजट किसने पेश किया तो वह थे श्री मोरारजी देसाई, उन्होंने 10 बार बजट पेश किया है।

अगर हम जीडीपी की बात करें तो हमारे प्यारे देश भारत ने एक ट्रिलियन डॉलर जीडीपी का आंकड़ा 2007-8 में तय किया था।वही 2 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी के आंकड़े को हमने 2014-15 में छुआ। अब हमने तीन ट्रिलियन डॉलर के जीडीपी आंकड़े को 2021-22 में छू लिया है, और पांच ट्रिलियन डॉलर जीडीपी तक पहुंचने में हमारे भारत को अनुमानित समय 2026-27 तक का समय लगेगा।

क्या होता है अंतरिम बजट?

आंतरिम बजट 2024 एक अस्थाई वित्तीय योजना है, जो मौजूदा सरकार के द्वारा आम चुनाव से पहले अंतिम वर्ष में पेश किया जाता है। क्योंकि 2024 लोकसभा चुनाव का साल है तो माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा फरवरी में घोषित बजट एक आंतरिक बजट है। संविधान का अनुच्छेद 116 मौजूदा सरकार को भारत की संचित निधि से अस्थाई तौर पर धन आवंटित करने की संसदीय स्वीकृति देता है। अंतरिम बजट का उद्देश्य तब तक के लिए वित्तीय निरंतरता को सुनिश्चित करना है जब तक की नई सरकार चुनाव के बाद पूर्व केंद्रीय बजट पेश न कर दे। यह मूलतः तीन से चार महीने के लिए होता है। आंतरिक बजट में प्रमुख घोषणाओं से बचा जाता, जो आने वाली सरकार पर वित्तीय बोझ डाल सकती है।

मौजूदा सरकार की कार्यकाल की उपलब्धियां

(1) गरीब कल्याण, देश का कल्याण

डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए 2.7 लाख करोड़ की बचत की गई है। मतलब की सरकार लाभुक को सीधे बैंक अकाउंट में पैसे भुगतान की है और बीच में लीकेज को रोक कर इतने पैसे बचाएं हैं। लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकल गया है। गरीबों की संख्या के प्रतिशत में कमी आई है। अगर हम आंकड़ों को देख तो 2005- 6 में भारत की जनसंख्या का 55.3% लोग बहु आयामी करीबी में मौजूद थे जो अब 2022- 23 में घटकर 11% तक रह गई है। पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से भारत सरकार ने 78 करोड़ रेहड़ी –पट्टी वाले लोगों को ऋण प्रदान की गई।इस ऋण की खासियत है कि इसमें फुटपाथ दुकानदारों वाले गरीबों को बहुत छोटा ऋण कम ब्याज पर देती है जिसमें कुछ भी गिरवी नहीं रखना होता है।

(2) युवाओं का सशक्तिकरण

1.4 करोड़ युवाओं को कौशल भारत मिशन के तहत प्रशिक्षित किया है। युवाओं को उद्यमी बनने के लिए पीएम मुद्रा योजना जो है इसके तहत 43 करोड रुपए की लोन स्वीकृत की जा चुकी है। इस योजना का उद्देश्य से भारत में छोटे-छोटे उद्यमी की सहायता करना है। पीएम श्री योजना के आवंटन में बढ़ोतरी की गई है। 2023- 2024 मैं जो 4000 करोड़ था इसको बढ़कर 2024 -25 में 6000 करोड़ कर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में आंकड़ों पर नजर डालें तो 2014 में जहां 16 आईआईटी कॉलेजेस थे जिसको 2023 में बढ़ाकर 23 आईआईटी कॉलेजेस हो गए हैं। एआईआईएमएस कॉलेजेस की बात कर तो जहां 2014 में 7 कॉलेज थे वही अब 2022 में बढ़कर 22 एम्स कॉलेज हो गए हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय की बात करें तो जहां 2014 में 723 विश्वविद्यालय थे जो अब बढ़कर 2023 में 1113 हो गए हैं। इससे उच्चतर शिक्षा में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

किसान अन्नदाता का कल्याण

पीएम किसान योजना के तहत 11.8 रुपए किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से दी जा चुकी है। इससे किसानों को वार्षिक ₹6000 प्रदान किया गया है। फसल बीमा योजना के तहत तकरीबन 4 करोड़ किसने को फसल बीमा का लाभ दिया गया। किसान मंडियों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल 14 अप्रैल 2016 को e-NAM (NATIONAL AGRICULTURE MARKET) के लिए खोला गया था जिसमें 1361 मंडियों को एक साथ जोड़ा गया। इस पोर्टल से व्यापार अब तक लगभग 3 लाख करोड रुपए को पार कर चुका है।

नारी शक्ति

सरकार की मुद्रा योजना के माध्यम से लगभग 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण , महिला उद्यमियों को दिया गया है। उच्चतर शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर लगभग 28% तक चली गई है मतलब हमारा जो उच्चतर शिक्षा है वहां पर महिलाएं अब ज्यादा आ रही है पिछले 10 वर्षों की तुलना में। स्टेम पाठ्यक्रमों (STEMM:- SCIENCE TECHNOLOGY ENGINEERING MATHEMATICS AND MEDICINE) में महिलाओं की भागीदारी 43% तक बढ़ी है मतलब 100 में से 43 लोग महिलाएं हैं। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गांव की महिलाओं को उचित कौशल और वित्तीय सहायता देकर उनको 1 साल के भीतर महिलाओं को एक लाख रुपये कमाने में सक्षम बनाना है। आंकड़ों के मुताबिक तकरीबन 83 लाख स्वयं सहायता समूह की मदद से एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति

CAD (CURRENT ACCOUNT DEFICIT) पिछले कुछ सालों में काम हुआ है केवल 2023 को छोड़कर। यह मुलाकात कुल आयात और निर्यात के घाटे को दर्शाता है। 2014 में यह लगभग 1.6 था जो अब 2024 में 0.67 रहने का उम्मीद है। बेरोजगारी दर 2017-18 में 6.1% था जो अब घटकर 2022-23 में 3.2% के आसपास रह गया है। बैंकों का GNPA (GROSS NONE PERFORMING ASSET) मैं कमी आई है। 2018 में यह 11.2 प्रतिशत था जो अब घटकर सितंबर 2023 में 3.2% के आसपास आ गया है। डिजिटल ट्रांजैक्शंस में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी देखी गई है। 2024 की शुरुआती महीना में 12000 करोड रुपए तक की बढ़ोतरी देखी गई जो 2024 में ही 15000 करोड़ तक जा सकती हैं। जीएसटी संग्रहण में जनवरी 2024 में अब तक का सेकंड हाईएस्ट जीएसटी कलेक्शन रहा है। जनवरी 2024 का जीएसटी कलेक्शन 1.7 लाख करोड रुपए रहा।

बजट में शामिल घोषणाएं

हालांकि अंतरिम बजट में सरकार बहुत सारी घोषणाएं करने से बचाती है लेकिन कुछ बातें यहां जरूर की गई हैं। सस्टेनेबल डेवलपमेंट यानी सतत विकास मतलब यह है कि भविष्य की पीढ़ियों की जरूरत को महसूस करते हुए वर्तमान की जरूरत को पूरा करना। सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य सेट किया है। इसके लिए सरकार ने बजट में कुछ घोषणाएं भी की हैं। पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए व्यवहार्ता अंतर निधियम (viability gap funding) सरकार करेगी। मतलब कुछ ऐसे सेक्टर जिसमें प्राइवेट कंपनी को फायदा नहीं नुकसान उठाना पड़ता है तो सरकार ऐसी स्थिति में कंपनी को प्रोत्साहन देने के लिए उनके नुकसान की भरपाई करती है। इसमें पवन ऊर्जा का सेक्टर पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। कोयले की गैसीकरण को लेकर सरकार फंडिंग करने वाली है। सीएनजी एलपीजी व अन्य तरह के बायोगैस को प्रोत्साहित करने की बात की जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के बजट में आवंटन की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 3000 यूनिट फ्री बिजली एक करोड़ परिवारों को दी जाएगी। ई- बसों को प्रोत्साहित किया जाएगा इसके लिए राज्य सरकार को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ई- वाहन के निर्माण, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।

अव संरचना और निवेश (इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट)

पीएम गति शक्ति योजना के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यह योजना लाई गई है। सरकार ने तीन नई रेलवे कॉरिडोर की स्थापना की बात कही है। विदेशी निवेश के लिए सरकार द्विपक्षीय समझौते करने वाली है। उड़ान योजना के अंतर्गत मौजूदा हवाई अड्डों का विस्तार एवं नए हवाई अड्डे का विकास करना है। छोटे शहरों में मेट्रो नेटवर्क की स्थापना एवं विकास करना है।

स्वास्थ्य सेक्टर

9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के बीच सर्वाइकल कैंसर के टीकाकरण के लिए प्रोत्साहन करना है। बेहतर पोषण के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं को और अधिक कुशल बनाया जाएगा और योजना पोषण 2.0 में तेजी लाई जाएगी। मिशन इंद्रधनुष जो टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लाई गई योजना है इसमें टीकाकरण को ट्रैक करने के लिए सरकार एक पोर्टल लॉन्च करने वाली है जिसका नाम यू वीन पोर्टल रखा जाएगा। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी आशा कर्मियों आंगनबाड़ी सेविकाओं और दूसरी सहायिकाओं को स्वास्थ्य बीमा सुविधा दी जाएगी।

आवासन / आवास सेक्टर

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 करोड लोगों को अब तक आवास प्रदान किया जा चुका है और अतिरिक्त दो करोड़ लोगों को घर प्रदान किया जाएगा। मतलब कल 5 करोड लोगों को आवास मुहैया सरकार द्वारा की जाएगी। लोगों को अपना घर खरीदने के लिए भी सरकार प्रोत्साहित करेगी।

पर्यटन

राज्यों को पर्यटन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जो राज्य अच्छा काम करेंगे उनको पर्यटन के विकास के लिए मुफ्त ऋण दिया जाएगा। G20 मीटिंग्स को भारत के 60 स्थान पर मीटिंग्स की गई। जिससे सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। वित्त मंत्री ने नाम लेते हुए लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के साफ संकेत दिए हैं। इन दीप समूह को मैनलैंड भारत से जोड़ने की बात की जा रही है।

मंत्रालय को आवंटन

इस बार सबसे ज्यादा आवंटन रक्षा मंत्रालय को 6.2 लाख करोड़ रुपए के रूप में दी गई है। दूसरा बड़ा आवंटन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 2.7 लाख करोड रुपए के रूप में दी गई है। वही रेल मंत्रालय को 2.55 लाख करोड रुपए दी गई है। सबसे न्यूनतम आवंटन कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय 1.27 लाख करोड रुपए के रूप में प्रदान की गई है।

FAQ’s

भारत में बजट कौन पेश करता है?

भारत में बजट केंद्र और राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाता है। भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला बजट केंद्रीय बजट होता है। इसे केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पर्लियामेंट में पेश किया जाता है। राज्य बजट राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।

भारत में बजट की अवधि क्या होती है?

भारत में बजट की अवधि एक वित्त वर्ष के दौरान होती है, जो 1 अप्रैल से लेकर 31 मार्च तक की जाती है।

क्योंकि यह एक अंतरिम बजट है इसलिए इसमें कोई मुख्य घोषणा सरकार द्वारा नहीं की गई है। कारण यह है कि 2024 में चुनाव है और सरकार में बदलाव होना है। नई सरकार मुख्य बजट पेश करेगी। धन्यवाद।।

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